भाभी की गांड पर हाथ

रविवार का दिन था और उस दिन मेरी छुट्टी थी परन्तु मुझे किसी जरूरी काम से जाना था और जब मैं अपने कार पार्किंग में गया तो मैंने देखा कि वहां किसी ने मेरी कार के पीछे से अपनी कार पार्क की हुई थी जिससे कि मुझे अपनी कार निकालने में काफी परेशानी हो रही थी मेरी कार वहां से निकल ही नहीं पाई। उसके बाद मैं वहां से अपने कॉलोनी के गार्ड के पास गया और मैंने उससे कहा कि किसी ने मेरी कार के पीछे अपनी कार पार्क कर दी है जिससे कि मुझे कार निकालने में काफी परेशानी हो रही है। वह मुझे कहने लगा कि साहब मैं अभी देखता हूं थोड़ी देर बाद वह एक महिला को अपने साथ लाया उसे मैंने पहली बार ही अपनी कॉलोनी में देखा था उन्होंने मुझसे कहा कि सर मुझे माफ कर दीजिए दरअसल मैं बहुत जल्दी में थी और मैंने अपनी कार को आपकी कार के पीछे पार्क कर दिया। मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा क्योंकि उन्होंने मुझसे पहले ही माफी मांग ली थी उन्होंने मुझे कहा कि मैं अपनी कार को हटा देती हूं और वह मेरे साथ पार्किंग एरिया में चली आई।
उन्होंने मुझे बताया कि उनके पापा जो कि हमारी कॉलोनी में ही रहते हैं उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं है जिस वजह से वह काफी ज्यादा परेशान थी और उस वक्त उन्हें कुछ समझ नहीं आया कि आखिर उन्हें कार कहां पार्क करनी चाहिए इसलिए जल्दी बाजी में उन्होंने मेरी गाड़ी के पीछे अपनी कार पार्क कर दी। मैंने उनसे पूछा कि आपके पापा का नाम क्या है तो उन्होंने मुझे अपने पापा का नाम बताया उनके पापा मैं एक दो बार पहले भी मिल चुका था। उन्होंने अपनी कार को पीछे कर लिया था जिससे कि मैंने अपनी कार को वहां से निकाल लिया और फिर मैं अपने काम से चला गया। शाम के वक्त जब मैं घर वापस लौटा तो मेरी पत्नी का मूड कुछ ठीक नहीं लग रहा था मैंने उससे कहा कि नीलम आखिर हुआ क्या है तो नीलम ने मुझे बताया कि आज उसके पापा और मम्मी का फोन आया था वह लोग नीलम को घर बुला रहे थे। मैंने उसे कहा कि मैं कल ही तुम्हारी फ्लाइट की टिकट बुक करवा देता हूं तुम पापा मम्मी से मिल आना। वह कहने लगी कि काफी समय हो गया है जब से मैं उन्हें मिली भी नहीं हूं पापा के रिटायरमेंट के बाद तो जैसे मेरा अपने घर जा पाना मुश्किल ही हो गया है।
मैंने नीलम की फ्लाइट की टिकट बुक करवा दी और अब नीलम अपने घर लखनऊ चली गई नीलम कुछ दिनों के लिए लखनऊ में रहना चाहती थी। मैं दिल्ली में ही था मैं अपने काम में कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही व्यस्त था इसलिए मैं नीलम को फोन नहीं कर पाया था। जब नीलम का फोन मुझे आया तो वह मुझे कहने लगी कि सोहन आपने मुझे फोन नहीं किया तो मैंने नीलम को बताया कि नीलम आजकल काम कुछ ज्यादा है जिस वजह से मैं तुम्हें फोन नहीं कर पाया। नीलम और मैं एक दूसरे से फोन पर बातें कर रहे थे नीलम ने मुझे बताया कि उसके पापा और मम्मी कुछ दिनों के लिए दिल्ली आना चाहते हैं। मैंने उससे कहा कि तुम्हें इसमें मुझसे पूछने की क्या जरूरत है तुम उन्हें अपने साथ ले आना, नीलम कहने लगी कि हां मैं उन्हें अपने साथ ले जाऊंगी। नीलम और मैं एक दूसरे के साथ काफी खुश थे उसके बाद नीलम ने फोन रख दिया और मैं भी अब सोने की तैयारी करने लगा मुझे काफी गहरी नींद आ गई थी और मैं सो गया। अगले दिन सुबह मैं उठा और रोज की तरह अपनी कॉलोनी के पार्क में मैं जॉगिंग के लिए चला गया हमारे कॉलोनी के अंदर ही एक पार्क है और वहां पर मैं सुबह के वक्त हर रोज जॉगिंग के लिए जाता हूं। मैं सुबह कॉलोनी के पार्क में पहुंचा और वहां पर मैं जॉगिंग कर रहा था मुझे करीब 15 मिनट हुए थे फिर मैं थोड़ी देर के लिए बैठ गया। मौसम उस दिन काफी अच्छा था और उस वक्त सूरज की किरने धीरे-धीरे चेहरे पर पड़ने लगी थी उसके बाद मैं घर चला आया मैं जब घर आया तो मै जल्दी से तैयार हो गया और उसके बाद मैं वहां से अपने काम पर चला गया। मैं अपने काम पर चला गया था और शाम के वक्त ही मैं लौट आया जब मैं शाम के वक्त घर लौटा तो उस दिन मैं अपने किसी फ्रेंड की पार्टी में चला गया और काफी देर तक उस दिन मैं पार्टी में रुका।

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