गैरेज में वर्जिन पिया की चुदाई

मैं मोटर मकैनिक हूं मेरा नाम अश्विन है। मैं और मेरा दोस्त एक दिन खाना खाने के लिए अपने गैराज से बाहर गए थे और हम दोनों खाना खाकर आराम से बैठ कर बातें कर रहे थे। तब तक हमने देखा की एक लड़की की गाड़ी खराब हो गई थी और वह उसे ठीक करने की कोशिश कर रही थी। हमने यह सब देखा और उसके पास चले गए। उसके पास जाकर मैंने उससे कहा कि हम तुम्हारी गाड़ी ठीक कर देते हैं। उसे पता नहीं था कि मैं मकैनिक हूं इसलिए उसने कहा कि यह सब तुम्हारे बस की नहीं है। मैं यहां किसी मकैनिक को ढूंढ रही हूं तो मैंने उससे कहा कि हम दोनों मकैनिक ही है और खाना खाने यहां पास में आए थे।
हम यहां पर थोड़ा आराम कर रहे थे। इतना सुनकर उसने अपनी गाड़ी ठीक करने के लिए कह दिया। मैंने उसकी गाड़ी ठीक की गाड़ी ठीक होने के बाद वह मुझे पैसे देने लगी लेकिन मैंने उसके दिए हुए पैसे नहीं पकड़े। मैंने उससे कहा कि अगर तुम हमारे गैरेज में गाड़ी लेकर आती तो हम तुमसे पैसे लेते लेकिन इस समय तुम हमारे गैराज में नहीं हो और तुम्हें मदद की जरूरत थी। इसीलिए मैंने तुम्हारी गाड़ी ठीक करके तुम्हारी मदद कर दी। मैंने कहा इस बार मैंने तुम्हारी मदद की अगली बार तुम मेरी मदद कर देना हिसाब बराबर हो जाएगा। वह मेरी बातें सुनकर मुस्कुराने लगी और फिर वह भी वहां से चली गई और हम दोनों भी अपने गैराज में वापस चले गए थे।
हम अपना काम करने लगे थे ऐसी कि हम रोज अपने गैराज में काम करते थे। मुझे गैरेज से जो तनख्वाह मिलती थी मैं उन पैसो से अपना घर चलाता हूं। मेरी एक बहन है और हमारा कोई नहीं हझ मैं और मेरी बहन एक छोटे से घर में रहते थे। मेरी बहन अभी पढ़ाई कर रही है मैंने तो उसी दिन पढ़ाई छोड़ दी थी जिस दिन मेरे मां और पिताजी का एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी। मैं उसी टाइम से ऐसे ही छोटी मोटी नौकरी ढूंढता रहता था और फिर एक दिन मुझे गैराज मे नौकरी मिली। मैंने गैराज में ही काम सीखा और यहीं पर काम करने लगा। मुझे इस गैराज में काफी साल हो चुके हैं एक दिन मैं और मेरा दोस्त गैराज में काम कर रहे थे।

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